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​बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤•
मां के दूध में हर बीमारी को दूर करने के गà¥à¤£ होते हैा। मां के दूध में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® होता है जिसमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤°à¤¤à¤¾ में माइकà¥à¤°à¥‹ नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚ट पाठजाते हैं। यहां तक कि डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¥€ इस बात से सहमत होते हैं कि नवजात शिशॠमें होने वाली कई सामानà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• से ठीक किया जा सकता है।
दिन में 2 से 3 बार बचà¥â€à¤šà¥‡ की दोनों आंखों की पलकों पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• लगाà¤à¤‚। आप डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° की मदद से à¤à¥€ पलकों पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• लगा सकती हैं। आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से सीधा पलकों पर दूध लगा सकती हैं या किसी कप या कटोरी में दूध डालकर फिर उंगली से à¤à¥€ उसे लगा सकती हैं।
अगर à¤à¤• आंख में दिकà¥â€à¤•त हà¥à¤ˆ है तो à¤à¥€ आप शिशॠकी दोनों आंखों पर दूध लगा सकती हैं। इससे इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ फैलने का खतरा कम होगा।
शहद
शहद में à¤à¤‚टी-फंगल, à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीबायोटिक गà¥à¤£ होते हैं। आंखों से संबंधित कई बीमारियों के इलाज के लिठमॉडरà¥à¤¨ थेरेपी में शहद का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। आंखों के लिठमनà¥à¤•ा शहद सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही माना जाता है। हालांकि, आप कचà¥â€à¤šà¤¾ शहद à¤à¥€ लगा सकती हैं।
à¤à¤• चौथाई कप शहद लें और इतनी ही मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी लें। अब à¤à¤• साफ डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° की मदद से दोनों आंखों में à¤à¤• से दो बूंद डालें।
नमक का पानी
आंखों में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के इलाज का सबसे आसान, ससà¥â€à¤¤à¤¾ और कारगर उपाय सलाईन वॉटर है। इससे आंखों को आराम मिलता है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण पैदा हà¥à¤ˆ गंदगी à¤à¥€ साफ होती है।
à¤à¤• गिलास उबले हà¥à¤ पानी में थोड़ा नमक डालें। इसके ठंडा होने पर इसमें रूई का à¤à¤• फाहा à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚ और उसे शिशॠकी पलकों पर लगाà¤à¤‚। आपको हर बार नई रूई का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना है। इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते समय पानी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® नहीं होना चाहिà¤à¥¤
​हलà¥â€à¤¦à¥€
हलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीबायोटिक की तरह काम करती है। यह सूजन से लड़ने में मदद करता है। हलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤‚टीबॉडी बना सकती है जो पिंक आई पैदा करने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को रोकने में कारगर होती है।
à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š हलà¥â€à¤¦à¥€ में पानी मिलाकर घोल बना लें। इस मिशà¥à¤°à¤£ से बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंख धोà¤à¤‚। आप चाहें तो इससे सिकाई à¤à¥€ कर सकती हैं। उसके लिठà¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š हलà¥â€à¤¦à¥€ डालें। इसमें रूई का à¤à¤• फाहा à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚ और बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंख पर रख दें।
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